पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व

शनिवार, 23 अप्रैल 2016

पागल कुत्ते के काटने का सफल ईलाज

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 
इलाज के बाद किसी इंजेक्शन या दवाई की ज़रूरत नहीं पड़ती 
 09917813838
 09927147103

Kutte Ke Kate Ka Ilaj Hum Krte Hen

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 
इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं  
 09917813838
 09927147103

Dogbitetreatment


पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला  बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी  09917813838 09927147103
https://youtu.be/5eok7Vm-gMk

गुरुवार, 14 अप्रैल 2016

कुत्ते के काटने पर न बरते लापरवाही फौरन हमसे ईलाज करायें

अक्सर देखने में आता हे की लोग कुत्ते के काटने पर लापरवाही बहुत  करते हे और इसी लिए रेबीज़ का शिकार होते हैं और नतीजा कुछ दिनों के बाद अपनी जन से हाथ धो बैठते हैं
हमारे देश भारत में हर साल रेबिस से मरने वालों की तादाद 50000  अधिक हे  गम्भीर समस्या हे लेकिन ताजुब की बात ये हे की  आज के इस इंटरनेट के दौर में पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी भी जागरूक नहीं हे ज़्यादातर  हमें तब फोन करते हैं जब कोई रेबीज़ की चपेट में आजाता हे और हमें बड़े अफ़सोस और दुखी मन से उसको  मना करना पड़ता हे की भाई अब कुछ नहीं हो सकता हर साल हमारे यहां आने वाले मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हे और हमे इन सबका इलाज करके बहुत ख़ुशी मिलती हे  लेकिन दोस्तों में आप सभी से ये फ्हिर कहना चाहूंगा की कुत्ता बंदर बिल्ली गीदड़ आदि के काटने पर या हल्का सा खरोंच करने पर भी बिलकुल लापरवाही न बरतें फ़ौरन हमसे संपर्क करें अन्यथा जन भी जा सकती हे ज़िन्दगी बहुत  कीमती हे हम इसके महत्तव को समझे
हमारे यहां  कुत्ता बंदर सांप बिल्ली सियार गीदड़ नेवला लोमड़ी बिच्छू छिपकली आदि के नए व् पुराने से पुराने काटे हुवे का गारंटी के साथ पेटेंट ईलाज फ्री किया जाता हे किसी भी इंजेक्शन या दवाई की ज़रूरत नहीं होती हे बाक़र  हुसैन बिजनोरी
09917813838
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नेपाली युवक को पागल कुत्ते ने काटा इलाज के लिये आया बाक़र हुसैन बिजनोरी के पास

नेपाल से आये बदरी मंडओ को 8 महीना पहले एक पागल कुत्ते ने कट लिया था इन्होने एंटी रेबीज़ के 5 इंजेक्शन भी लगवाये थे परन्तु इनके मन में एक डर था की कहीं मुझे रेबिज़ न हो जाये इनको बराबर  सर दर्द और पेट में गर्मी रहती थी ये अपने डॉक्टरी इलाज से सन्तुस्ट नहीं थे जब यह हमारे पास इलाज के लिये आये तो बहुत डरे हुवे थे इनको शक था की मेरे शरीर के अंदर अभी भी ज़हर बाक़ी हे हमने इनका इलाज किया तो हम भी ये देखकर बहुत हैरान हुवे की थाली इनकी कमर पे बहुत जोर से चिपक गई हे इनका सक बिलकुल
सही निकला थाली इनको 8 घण्टे बराबर चिपकी रही और ये अब बहुत संतुस्ट हैं
आप खुद ही सुन लीजिए इनकी कहानी इन्ही की ज़ुबानी
बाक़र हुसैन बिजनोरी
 09917813838
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सोमवार, 11 अप्रैल 2016

पुरूषों के प्रमुख यौन रोग कारण लक्षण एवं ईलाज

 पुरूषों के प्रमुख यौन रोग कारण लक्षण एवं ईलाज  
स्वपनदोष ( Night emission ) स्वपन मेँ किसी के साथ रति क्रिया करते हुए वीर्य का पतन होना सवपनदोष कहलाता हे 
कारण-जिन्होँने 12-17 वर्ष अर्थात्‌ Teens के समय मेँ अपने हाथोँ से वीर्यवाहक नली Spermatic cord को आघात पहुचाया हो और अपनी वीर्य नष्ट किया हो या जिनके विचार गंदे है । लेकिन समय पर ध्यान न रखा गया तो यही रोग बढ़कर गहरी नीँद मेँ वीर्यपात होकर ऐसे व्यक्ति को सुबह ज्ञात होता है कि रात मेँ क्या हुआ था । केवल सुबह मेँ वीर्य लगा था 
स्वपनदोष को माह मे 1 से 2 बार होना चिँताजनक नहीँ परंतु अधिक होने पर शरीर खोखला हो जाता है ।
लक्षण कमर मेँ दर्द सिर चकराना , दिल ज्यादा धड़कना , किसी काम मेँ मन न लगना , लिखते-पढ़ते आँखोँ के नीचे अँधेरा आना , पढ़ालिखा  याद न रहना इत्यादि ।
धातुक्षीनता ( Spermatorrhea) पैखाना या पेशाब के समय लसदार धातु निकलना का नाम है शुक्रमेह या धातुक्षीनता । कारण स्वपनदोष और कब्ज लक्षण मल-मुत्र त्यागते समय थोड़ा ज्यादा जोड़ लगाने से वीर्य निकलने लगता है । हस्त-मैथुन स्त्रियोँ के दर्शन से ही वीर्य पतन होने लगता है । रोग बढ़ने पर मन मेँ बेचैनी , सलज्जा भाव स्मृति की हानी , निरुतसाह , शारीरिक कमजोरी , भुख की कमी , कब्ज , पेट फुलना , छाती धड़कन , सिर दर्द , अक्स्मात खड़ा होने पर अंधकार दिखाई देना , आँख के चारो ओर काले दाग , स्वपनदोष एवं शीध्रपतन आदि । फिर भी रोगी को पता नहीँ चलता कि मुझे क्या हुआ है , अंत मेँ मर्दाना शक्ति चला जाता है । पुरुष-स्त्रीसंभोग से हाथ धो बैठता है , औलाद का मुह देखना नसीब नहीँ होता । पुरुष स्त्री को कभी भी संतुष्ट नही कर पाता रोगी दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है । शीध्रपतन ( Premature ejaculation ) संभोग के समय वीर्य शीध्र निकल जाने को शीध्रपतन कहते है । जिस प्रकार पानी से भरी बोतल को उलटने से जल्द गिर जता है , उसीप्रकार गाढ़ी शहद के बोतल को उलटने से जल्द न गिरता है वही दशा वीर्य का है । वीर्य पतला होने पर शीध्र निकलता परंतु गाढ़ा वीर्य जल्द नही निकलता । शीध्रपतन के रोगीसंभोग मेँ सदा असफल रहता है । नोट : इस रोग मेँ अफीम , नशीली दवाये या पदार्थ सेवन से बचना चाहिए । इस रोग का व्यक्ति संभोग करने की इच्छा होती है पर लिँग मेँ भी उत्तेजना आती है परंतु अकारण वीर्यपात हो जाता है । शीध्रपतन रोग पुरुष को शर्मिँदाकरने वाला रोग है । स्त्री के ह्रदय से नफरत उत्पन्न कर देने वाली बिमारी से छुटकारा न मिलने पर पुरुष सदा स्त्री के नजर मेँ गिर जाता है । स्त्री अपने ह्रदय ठंडा करने के लिए रिस्तेदारोँ , पड़ोँसियोँआदि से कामेच्छ पूरी करने के लिए संभोग करवाती है । जिसका परिणाम धन , धर्म , इज्जतसभी नष्ट होता है । रोगी शर्म के मारे मौत को अधिक पसंद करने लगता हे ऐसी किसी भी तरह की परेशानी से घबरायें नहीं बल्कि संयम रखें ओर सही ईलाज करायें 
नुस्खा - आकरकहा,जावितरी, सिंड तीनों 1,1 तोला जायफल खाने वाला २० ग्राम 5 देशी अन्डे उबाल के उनकी जरदी निकाल लें ओर ये सब दवाई कूट कर छानकर यानी चूरन बनाकर जरदी में मिलालो ओर चने के बराबर की गोलियां बनालें ओर एक गोली शाम को सोते समय आधा कि० दूध के साथ 7 दिन तक खाओ बहुत ताकतवर नुस्खा हे 
आप हमसे भी इस बारे में निशुल्क परामर्श ले सकते हें ओर अपना ईलाज भी करा सकते हें
बाक़र बिजनोरी धामपुर  बिजनौर यू०पी०
09917813838
09927147103

लिंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का ईलाज

लिंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का ईलाज
1- कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण में से एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम दूध के साथ लेने से लिंग का ढीलापन, शीघ्रपतन और वीर्य की कमी होना जैसे रोग जल्दी दूर हो जाते हैं।
2- आकरकहा,जावितरी, सिंड तीनों 1,1 तोला जायफल खाने वाला २० ग्राम 5 देशी अन्डे उबाल के उनकी जरदी निकाल लें ओर ये सब दवाई कूट कर छानकर यानी चूरन बनाकर जरदी में मिलालो ओर चने के बराबर की गोलियां बनालें ओर एक गोली शाम को सोते समय आधा कि० दूध के साथ 7 दिन तक खाओ बहुत ताकतवर नुस्खा हे दुवा में याद रखना
बकर हुसैन अन्सारी बिजनोरी- मोहतमिम ( मदरसा फातिमा ज़ाहरा धामपुर बिजनौर यूपी )