पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व

शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

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कुत्ता बन्दर बिल्ली सांप के काटने का फ़्री ईलाज से सम्बंधित वीडियो देखें और सभी जानकारी पायें
अभी चैनल को लाईक व सब्सकिराइब करें और ख़ूब शेयर करें। व्हाट्सअप नंबर  09917813838
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शनिवार, 25 नवंबर 2017

Baqar Bijnori Dogs Bite Treatment 100% Free

https://mbasic.facebook.com/कुत्ता-बन्दर-बिल्ली-सांप-के-काटने-पर-गारंटेड-फ़्री-ईलाज-1827677454213576/?__tn__=C-R

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दोसतों हमारे यहाँ पर कुत्ता बन्दर साँप बिल्ली लोमड़ी सियार घोड़ा  ऊँट नेवला लंगूर गीदड़ डिंगारे छिपकली मेंढक गिलहरी चूहा भेड़िया रीछ बिच्छू बाज़ गिद्ध चील उल्लू आदि के इंसानों व पालतू जानवरों के नये-पुराने काटे हुवे का ईलाज निःशुल्क होता है
कोई पैसा या कोई फ़ीस नहीँ ली जाती है
ये हमारी एकदम निःशुल्क
समाज सेवा है

मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाई जाती है अगर शरीर में ज़हर होता हे तो थाली कमर पे चुम्बक की तरह चिपक जाती हे और तब तक नही हटती जब तक शरीर से सारा ज़हर न चूस ले थाली से सारा ज़हर एक बार में ही निकल जाता है ओर मरीज़ पूरी तरह से बिल्कुल ठीक हो जाता है !
 ये 100 % प्रतिशत गारन्टी का पेटेन्ट ईलाज है।
दुबारा आने की ज़रूरत नहीं पड़ती
मगर थाली लगवाने के लिये आपको हमारे पास आना पड़ेगा।

अगर नहीं आ सकते तो घबराने की कोई बात नहीं आप हमसे थाली पढ़वाकर किसी भी देश, या राज्य में डाक दुवारा या कोरियर से भी मंगवा सकते हें आपको केवल थाली व कोरियर आदि का ही ख़र्चा देना पड़ेगा और कोई पैसा नहीँ देना होगा थाली आपको पढ़कर भेज दी जायेगी उसे आप ख़ुद अपनी नंगी कमर पर लगा सकते हें।

थाली किसी भी समय दिन या रात को लगा सकते हें। कोई बन्धन नहीँ है।

थाली लगाने का तरीक़ा ये हे पहले आप अपनी कमर पर से कपड़े को ऊपर करलें ताकी फिर किसी कुर्सी, मेज़ या  पर अपने दोनों पैर लटकाकर बैठ जायें और फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और थोड़ा नीचे झुक जायें अब कमर पे सबसे ऊपर की तरफ़ थाली को बिस्मिल्लाह पढ़कर लगाएं और 5 मिनट तक पकड़े रहें ताकी उसे अर्थ मिल जाये और वो गिर न पाये अब थाली को छोड़ दें और देखें की थाली कमर पर चिपकी है या नहीँ अगर हाँ तो धीरे-धीरे कमर को हल्का सा सीधा करें बिलकुल सीधा न हों हल्का सा झुके रहें
अब आराम से बैठे रहें और जब तक थाली लगे लगायें ज़्यादा हिले-जुले नहीं।
थाली गिर ने पर फिर इसी प्रकार से दुबारा लगायें बार-बार गिरने पर ना लगायें क्योंकि अब थाली नहीँ लगेगी आपका ज़हर ख़त्म हो गया है इसीलिए थाली बार-बार गिर रही है ज़हर ख़त्म होने की यही पहचान है। हमारी थाली शरीर में ज़हर के कम वे ज़्यादा होने के हिसाब से ही कमर पर चिपकती है आपके शरीर में ज़हर की जितनी अधिक मात्रा होगी ये उतना ही देर तक कमर पे चिपकी रहेगी इसकी कोई लिमिट नहीँ 15 मिन्ट से लेकर कई घण्टा या ऐक दिन भी लग सकती है ज़हर नहीँ होगा तो थाली नहीँ लगेगी।

हमेशा यद् रखें कुत्ता बन्दर बिल्ली आदि  के काटने पर कभी भी नज़र अंदाज़ ना करें और न ही लापरवाही बरतें फ़ौरन उसका ईलाज कराएं हमसे संम्पर्क करें वर्ना रेबीज़ होने पर जान भी जा सकती है 24 घण्टे सेवा उपलब्ध है।

हमारे यहाँ केवल काशी की थाली ही पढ़कर लगाई जाती हे कोई दवा या झाड़-फूंक नहीँ की जाती है।

रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, मरीज़ का पानी को देखकर डरना , सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना आदि!

नोट- (मरीज़ को हड़क यानी (रेबीज़ होने) से पहले-पहले ही हम ईलाज करते हें बाद में कोई ईलाज नहीं करते हें।)

 हमारा पता है-
बाक़र हुसैन बिजनोरी
 ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर ज़िला बिजनोर यूपी
कॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है। +919917813838
+919927147103
आप यूटीयूब पर भी हमारा चैनल को लाइक शेयर और सब्स्किराइब कीजिये और अपने दोस्तों को भी बताईये ताकी किसी की मदद की जा सके और उसकी जान बचाई जा सके
रेबीज़ एक जान लेवा और लाईलाज बीमारी हे इससे बचें।
चैनल का नाम है।
Baqar Bijnori

और फेसबुक पर भी हमें दोस्ती की रिकवेस्ट भेजें
इसी नाम से हमारी फेसबुक आईडी हे। और आप हमारा ब्लॉग पेज भी लाइक कर सकते हैं पढ़ सकते हैं ।
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बुधवार, 15 नवंबर 2017

शायर "बाक़र बिजनोरी"

सदक़ा भी दे दिया है नज़र भी उतार दी
दौलत सकून चैन की सब तुझपे वार दी
कल रात मैनें किया कहा तबियत ख़राब है
मां ने तमाम रात दुवा में गुज़ार दी
"बाक़र बिजनोरी"

गुरुवार, 9 नवंबर 2017

BAQAR BIJNORI (Dogs Bite Treatment)

हमारे यहां पर कुत्ता बन्दर साँप बिल्ली लोमड़ी सियार घोड़ा ऊँट नेवला लंगूर गीदड़ डिंगारे छिपकली मेंढक गिलहरी चूहा भेड़िया रीछ बिच्छू बाज़ गिद्ध चील उल्लू आदि के इंसानों व पालतू जानवरों के नये-पुराने काटे हुवे का ईलाज निःशुल्क होता है ।
कोई पैसा या कोई फ़ीस नहीँ ली जाती है

ये हमारी एकदम निःशुल्क समाज सेवा है।
मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाई जाती है अगर शरीर में ज़हरहोता हे तो थाली कमर पे चुम्बक की तरह चिपक जाती हे और तब तक नही हटती जब तक शरीर से सारा ज़हर न चूस ले थाली से सारा ज़हर एक बार में ही निकल जाता है ओर मरीज़ पूरी तरह से बिल्कुल ठीक हो जाता है !

ये 100 % प्रतिशत गारन्टी का पेटेन्ट ईलाज है।दुबारा आने की ज़रूरत नहीं पड़तीमगर थाली लगवाने के लिये आपको हमारे पास आना पड़ेगा।
अगर नहीं आ सकते तो घबराने की कोई बात नहीं आप हमसे थाली पढ़वाकर किसी भी देश,या राज्य में डाक दुवारा या कोरियर से भी मंगवा सकते हें आपको केवल थाली व कोरियर आदि का ही ख़र्चा देना पड़ेगा और कोई पैसा नहीँ देना होगा थाली आपको पढ़कर भेज दी जायेगी उसे आप ख़ुद अपनी नंगी कमर पर लगा सकते हें।
थाली किसी भी समय दिन या रात को लगा सकते हें। कोई बन्धन नहीँ है।

थाली लगाने का तरीक़ा ये हे पहले आप अपनी कमर पर से कपड़े को ऊपर करलें फिर किसी कुर्सी,मेज़ आदि पर अपने दोनों पैर लटकाकर बैठ जायें और फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और थोड़ा नीचे झुक जायें अब कमर पे सबसे ऊपर की तरफ़ थाली को बिस्मिल्लाह पढ़कर लगाएं और 5 मिनट तक पकड़े रहें ताकी उसे अर्थ मिल जाये और वो गिर न पाये अब थाली को छोड़ दें और देखें की थाली कमर पर चिपकी है या नहीँ अगर हाँ तो धीरे-धीरे कमर को हल्का सा सीधा करें बिलकुल सीधा न हों हल्का सा झुके रहेंअब आराम से बैठे रहें और जब तक थाली लगे लगायें ज़्यादा हिले-जुले नहीं।थाली गिर ने पर फिर इसी प्रकार से दुबारा लगायें बार-बार गिरने पर ना लगायें क्योंकि अब थाली नहीँ लगेगी आपका ज़हर ख़त्म हो गया है इसीलिए थाली बार-बार गिर रही है ज़हर ख़त्म होने की यही पहचान है। थाली शरीर में ज़हर के कम वे ज़्यादा होने के हिसाब से ही कमर पर चिपकती है आपके शरीर में ज़हर की जितनी अधिक मात्रा होगी ये उतना ही देर तक कमर पे चिपकी रहेगी इसकी कोई लिमीट नहीँ 15 मिन्ट से लेकर कई घण्टा या ऐक दिन भी लग सकती है ज़हर नहीँ होगा तो थाली नहीँ लगेगी।

हमेशा यद् रखें कुत्ता बन्दर बिल्ली आदि के काटने पर कभी भी नज़र अंदाज़ ना करें और न ही लापरवाही बरतें फ़ौरन उसका ईलाज कराएं हमसे संम्पर्क करें वर्ना रेबीज़ होने पर जान भी जा सकती है
24 घण्टे हमारी सेवा उपलब्ध है।

हमारे यहाँ केवल काशी की थाली ही पढ़कर लगाई जाती हे कोई दवा इंजक्शन या झाड़-फूंक नहीँ की जाती है।

रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, मरीज़ का पानी को देखकर डरना , सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना आदि!

नोट- (मरीज़ को हड़क यानी (रेबीज़ होने) से पहले-पहले ही हम ईलाज करते हें बाद में कोई ईलाज नहीं करते हें।)

हमारा पता है-
बाक़र हुसैन बिजनोरी ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर ज़िला बिजनोर यूपीकॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है।
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और फेसबुक पर भी हमें दोस्ती की रिकवेस्ट भेजेंइसी नाम से हमारी फेसबुक आईडी हे।
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धन्यवाद।

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रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, मरीज़ का पानी को देखकर डरना , सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना आदि!

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बाक़र हुसैन बिजनोरी ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर ज़िला बिजनोर यूपीकॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है।
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धन्यवाद।

रविवार, 17 सितंबर 2017

बाक़र बिजनोरी

सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली,

एक तुझको भूल जाने की मौहलत नहीं मिली,

करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर,

हमको तेरे ख़याल से फुर्सत नहीं मिली।

शुक्रवार, 3 मार्च 2017

घरेलू कुत्ते ने काटा इलाज कराने आया बाक़र बिजनोरी के पास +919917813838

इस आदमी को ऐक घरेलू कुत्ते ने पैर में काट लिया जिसकी वजह से ये बहुत परेशान हो गया ईलाज कराने आया हमारे पास सुने और ख़ूब शेयर करे ईसकी कहानी उसी की ज़ुबानी 09917813838