पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व

शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व् पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं 09917813838 09927147103

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व् पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 
इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं  
 09917813838
 09927147103

पागल कुत्ते के काटने पर सफल इलाज गारन्टी के साथ

 पागल कुत्ते के काटने पर सफल इलाज गारन्टी के साथपागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 

इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं  
 09917813838
 09927147103

पागल कुत्ते के काटने पर सफल इलाज गारन्टी के साथ

हमारे यहाँ पर साँप, बिच्छु, कुत्ता, बन्दर, गीदड़, छिपकली, मधुमख्खी, बिल्ली नेवला सियार रीछ हाथी गिलहरी घोड़ा मेंढक आदि जैसे के नये वे पुराने से पुराने काटने का एकदम मुफ़्त में ईलाज किया जाता है। चाहे ये ज़हरीले जानवर किसी इन्सान या किसी पालतू जानवर जैसे- बकरी, घोड़ा, भैंस, गाये, आदि के ही कियों ने काटे।
हम लोग मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाते हें। अगर ज़ेहर होता हे तो थाली चुम्बक की तरह मरीज़ की कमर पर चिपक जाती है और तब तक नहीँ हटती जब तक मरीज़ के जिस्म से सारा ज़हर ना चूस ले। ये हमारा गारन्टी का 100% पेटेन्ट ईलाज है। मरीज़ को किसी तरह की कोई परेशानी नहीँ होती और मरीज़ आसानी से एक बार में ही पूरी तरह जाता से ठीक हो जाता है। दोबारा आने की ज़रूरत नहीँ होती। अगर आपको या आपके किसी पालतू जानवर को इनमें से कोई भी ज़हरीली चीज़ काट ले तो आप बिना झिझक और बिना डरे हमारे पास चले आयें। किसी बाबा या झाड़-फूँकवाले के चक्कर में आकर अपना वक़्त और पैसा बर्बाद ना करें। हमसे आकर मिलें या हमें फोन पर बतायें इंशाल्लाह आपकी इस तरह की परेशानी का एकदम हल और फ्री ईलाज किया जायेगा।
चाहे आप किसी भी राज्य में रहते हों या कहीँ भी काम करते हों हमारे यहाँ आप तक डाक दुवारा या कोरियर से थाली भेजने की भी सुविधा है। आपको केवल थाली और कोरियर का ही पैसा देना होगा बाक़ी किसी तरह का और कोई पैसा नहीँ देना होगा। बस आप हमें अपना पुरा पता बता दीजिये। थाली आपको भेज दी जायेगी।
नोट- हमारे यहाँ कुत्ते के काटने पर जो हड़क उठती हे उसके उठने से पहले पहले ही ईलाज किया जाता है। बाद में नहीँ। यानी रैबीज से पहले-पहले हमारा व्हाट्सअप और कॉन्टेक्ट नंबर ये है।
+919917813838-+919927147103
पता है--- बाक़र हुसैन अंसारी ग्राम बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर ज़िला बिजनोर यूपी पिन कोड न. 246761 और थाली मंगाने के लिये पैसा भेजने को
बैंक खाता नंबर ये है।
Baqar Hussain S% Shaukat Ali A/C No. 30999383731 State Bank Of india Branch Dhampur District Bijnor Uttarpradesh IFSC COD- SBINO000633


गुरुवार, 29 सितंबर 2016

मदरसे के यतीम गरीब बेसहारा बच्चों को सर्दी से बचायें

Madarsa Fatima Tuz Zohra Baghdad Ansar A/C No. 12192191046044 Oriental Bank Of Commerce BRANCH Dhampur District Bijnor State Uttarpradesh India BANK IFSC Cod- ORBCO101219
बाक़र हुसैन बिजनोरी मोहतमिम मदरसा हाज़ा
+919917813838
+919927147103 
हमारे मदरसे के 22 यतीम बच्चों के लिये जिस से जो हो सके लिहाफ़ (रज़ायी) बनवादें या उसकी क़ीमत मदरसे के अकाउन्ट में भेज दें ताकी इन ग़रीब यतीम, बेसहारा बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके ऐक अच्छे और मज़बूत लिहाफ की क़ीमत लगभग 700 रु० हे  (700x22=15400) रु०
 प्लीज़ दौस्तों अल्लाह की रज़ा और आख़रत के सवाब के लिये आप मदद फ़रमायें जिस भाई से जो भी हो सके 1 लिहाफ़ 2 लिहाफ़ 5 लिहाफ़ ज़रुर बनवादें आपकी बहुत मेहरबानी होगी





हमारे मदरसे के यतीम बच्चों के लिये जिस से जो हो सके मदद फ़रमायें

हमारे मदरसे के 22 यतीम बच्चों के लिये जिस से जो हो सके लिहाफ़ (रज़ायी) बनवादें या उसकी क़ीमत मदरसे के अकाउन्ट में भेज दें ताकी इन ग़रीब यतीम, बेसहारा बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके ऐक अच्छे और मज़बूत लिहाफ की क़ीमत लगभग 700 रु० हे  (700x22=15400) रु०
 प्लीज़ दौस्तों अल्लाह की रज़ा और आख़रत के सवाब के लिये आप मदद फ़रमायें जिस भाई से जो भी हो सके 1 लिहाफ़ 2 लिहाफ़ 5 लिहाफ़ ज़रुर बनवादें आपकी बहुत मेहरबानी होगी
Madarsa Fatima Tuz Zohra Baghdad Ansar A/C No. 12192191046044 Oriental Bank Of Commerce BRANCH Dhampur District Bijnor State Uttarpradesh India BANK IFSC Cod- ORBCO101219
बाक़र हुसैन बिजनोरी मोहतमिम मदरसा हाज़ा
+919917813838
+919927147103



बुधवार, 28 सितंबर 2016

ऐक बहुत ही सख़्त दीनी ज़रुरत

ऐक बहुत ही सख़्त दीनी ज़रुरत:
हमारे मदरसे के 22 यतीम बच्चों के लिये जिस से जो हो सके लिहाफ़ (रज़ायी) बनवादें या उसकी क़ीमत मदरसे के अकाउन्ट में भेज दें ताकी इन ग़रीब यतीम, बेसहारा बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके ऐक अच्छे और मज़बूत लिहाफ की क़ीमत लगभग 700 रु० हे  (700x22=15400) रु०
 प्लीज़ दौस्तों अल्लाह की रज़ा और आख़रत के सवाब के लिये आप मदद फ़रमायें जिस भाई से जो भी हो सके 1 लिहाफ़ 2 लिहाफ़ 5 लिहाफ़ ज़रुर बनवादें आपकी बहुत मेहरबानी होगी
Madarsa Fatima Tuz Zohra Baghdad Ansar A/C No. 12192191046044 Oriental Bank Of Commerce BRANCH Dhampur District Bijnor State Uttarpradesh India BANK IFSC Cod- ORBCO101219
बाक़र हुसैन बिजनोरी मोहतमिम मदरसा हाज़ा
+919917813838
+919927147103






ऐक बहुत ही सख़्त दीनी ज़रुरत

हमारे मदरसे के 22 यतीम बच्चों के लिये जिस से जो हो सके लिहाफ़ (रज़ायी) बनवादें या उसकी क़ीमत मदरसे के अकाउन्ट में भेज दें ताकी इन ग़रीब यतीम, बेसहारा बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके ऐक अच्छे और मज़बूत लिहाफ की क़ीमत लगभग 700 रु० हे  (700x22=15400) रु०
 प्लीज़ दौस्तों अल्लाह की रज़ा और आख़रत के सवाब के लिये आप मदद फ़रमायें जिस भाई से जो भी हो सके 1 लिहाफ़ 2 लिहाफ़ 5 लिहाफ़ ज़रुर बनवादें आपकी बहुत मेहरबानी होगी
Madarsa Fatima Tuz Zohra Baghdad Ansar A/C No. 12192191046044 Oriental Bank Of Commerce BRANCH Dhampur District Bijnor State Uttarpradesh India BANK IFSC Cod- ORBCO101219
बाक़र हुसैन बिजनोरी मोहतमिम मदरसा हाज़ा
+919917813838
+919927147103







Kutte Ke katne ka Free ilaj

ऐक ज़रूरी जानकारी कुत्ते और गीदर के काटने पर उसे कभी भी नज़र अंदाज़ न करें हो सके तो फ़ौरन उसका ईलाज करें । ईलाज ना करने की वजह से कभी भी हड़क उठ सकती है । और इंसान या पालतू जानवर जिसके भी काटा हो मर सकता है। और अगर ईलाज के लिये पैसे न हों तो आप बेफ़िक्र होकर हमारे पास चले आइये। या हमसे बात कीजिये। alhumdulilliah हमारे यहाँ सभी ज़हरीले जानवरों, कीड़े-मकोड़ों का ईलाज एकदम फ्री किया जाता है। हमारा कोन्टेक्ट और वहटसप नंबर है। बाक़र हुसैन बिजनोरी +919917813838

शनिवार, 23 अप्रैल 2016

पागल कुत्ते के काटने का सफल ईलाज

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 
इलाज के बाद किसी इंजेक्शन या दवाई की ज़रूरत नहीं पड़ती 
 09917813838
 09927147103

Kutte Ke Kate Ka Ilaj Hum Krte Hen

पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी 
इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं  
 09917813838
 09927147103

Dogbitetreatment


पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व्  पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला  बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी  09917813838 09927147103
https://youtu.be/5eok7Vm-gMk

गुरुवार, 14 अप्रैल 2016

कुत्ते के काटने पर न बरते लापरवाही फौरन हमसे ईलाज करायें

अक्सर देखने में आता हे की लोग कुत्ते के काटने पर लापरवाही बहुत  करते हे और इसी लिए रेबीज़ का शिकार होते हैं और नतीजा कुछ दिनों के बाद अपनी जन से हाथ धो बैठते हैं
हमारे देश भारत में हर साल रेबिस से मरने वालों की तादाद 50000  अधिक हे  गम्भीर समस्या हे लेकिन ताजुब की बात ये हे की  आज के इस इंटरनेट के दौर में पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी भी जागरूक नहीं हे ज़्यादातर  हमें तब फोन करते हैं जब कोई रेबीज़ की चपेट में आजाता हे और हमें बड़े अफ़सोस और दुखी मन से उसको  मना करना पड़ता हे की भाई अब कुछ नहीं हो सकता हर साल हमारे यहां आने वाले मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हे और हमे इन सबका इलाज करके बहुत ख़ुशी मिलती हे  लेकिन दोस्तों में आप सभी से ये फ्हिर कहना चाहूंगा की कुत्ता बंदर बिल्ली गीदड़ आदि के काटने पर या हल्का सा खरोंच करने पर भी बिलकुल लापरवाही न बरतें फ़ौरन हमसे संपर्क करें अन्यथा जन भी जा सकती हे ज़िन्दगी बहुत  कीमती हे हम इसके महत्तव को समझे
हमारे यहां  कुत्ता बंदर सांप बिल्ली सियार गीदड़ नेवला लोमड़ी बिच्छू छिपकली आदि के नए व् पुराने से पुराने काटे हुवे का गारंटी के साथ पेटेंट ईलाज फ्री किया जाता हे किसी भी इंजेक्शन या दवाई की ज़रूरत नहीं होती हे बाक़र  हुसैन बिजनोरी
09917813838
09927147103

नेपाली युवक को पागल कुत्ते ने काटा इलाज के लिये आया बाक़र हुसैन बिजनोरी के पास

नेपाल से आये बदरी मंडओ को 8 महीना पहले एक पागल कुत्ते ने कट लिया था इन्होने एंटी रेबीज़ के 5 इंजेक्शन भी लगवाये थे परन्तु इनके मन में एक डर था की कहीं मुझे रेबिज़ न हो जाये इनको बराबर  सर दर्द और पेट में गर्मी रहती थी ये अपने डॉक्टरी इलाज से सन्तुस्ट नहीं थे जब यह हमारे पास इलाज के लिये आये तो बहुत डरे हुवे थे इनको शक था की मेरे शरीर के अंदर अभी भी ज़हर बाक़ी हे हमने इनका इलाज किया तो हम भी ये देखकर बहुत हैरान हुवे की थाली इनकी कमर पे बहुत जोर से चिपक गई हे इनका सक बिलकुल
सही निकला थाली इनको 8 घण्टे बराबर चिपकी रही और ये अब बहुत संतुस्ट हैं
आप खुद ही सुन लीजिए इनकी कहानी इन्ही की ज़ुबानी
बाक़र हुसैन बिजनोरी
 09917813838
09927147103



सोमवार, 11 अप्रैल 2016

पुरूषों के प्रमुख यौन रोग कारण लक्षण एवं ईलाज

 पुरूषों के प्रमुख यौन रोग कारण लक्षण एवं ईलाज  
स्वपनदोष ( Night emission ) स्वपन मेँ किसी के साथ रति क्रिया करते हुए वीर्य का पतन होना सवपनदोष कहलाता हे 
कारण-जिन्होँने 12-17 वर्ष अर्थात्‌ Teens के समय मेँ अपने हाथोँ से वीर्यवाहक नली Spermatic cord को आघात पहुचाया हो और अपनी वीर्य नष्ट किया हो या जिनके विचार गंदे है । लेकिन समय पर ध्यान न रखा गया तो यही रोग बढ़कर गहरी नीँद मेँ वीर्यपात होकर ऐसे व्यक्ति को सुबह ज्ञात होता है कि रात मेँ क्या हुआ था । केवल सुबह मेँ वीर्य लगा था 
स्वपनदोष को माह मे 1 से 2 बार होना चिँताजनक नहीँ परंतु अधिक होने पर शरीर खोखला हो जाता है ।
लक्षण कमर मेँ दर्द सिर चकराना , दिल ज्यादा धड़कना , किसी काम मेँ मन न लगना , लिखते-पढ़ते आँखोँ के नीचे अँधेरा आना , पढ़ालिखा  याद न रहना इत्यादि ।
धातुक्षीनता ( Spermatorrhea) पैखाना या पेशाब के समय लसदार धातु निकलना का नाम है शुक्रमेह या धातुक्षीनता । कारण स्वपनदोष और कब्ज लक्षण मल-मुत्र त्यागते समय थोड़ा ज्यादा जोड़ लगाने से वीर्य निकलने लगता है । हस्त-मैथुन स्त्रियोँ के दर्शन से ही वीर्य पतन होने लगता है । रोग बढ़ने पर मन मेँ बेचैनी , सलज्जा भाव स्मृति की हानी , निरुतसाह , शारीरिक कमजोरी , भुख की कमी , कब्ज , पेट फुलना , छाती धड़कन , सिर दर्द , अक्स्मात खड़ा होने पर अंधकार दिखाई देना , आँख के चारो ओर काले दाग , स्वपनदोष एवं शीध्रपतन आदि । फिर भी रोगी को पता नहीँ चलता कि मुझे क्या हुआ है , अंत मेँ मर्दाना शक्ति चला जाता है । पुरुष-स्त्रीसंभोग से हाथ धो बैठता है , औलाद का मुह देखना नसीब नहीँ होता । पुरुष स्त्री को कभी भी संतुष्ट नही कर पाता रोगी दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है । शीध्रपतन ( Premature ejaculation ) संभोग के समय वीर्य शीध्र निकल जाने को शीध्रपतन कहते है । जिस प्रकार पानी से भरी बोतल को उलटने से जल्द गिर जता है , उसीप्रकार गाढ़ी शहद के बोतल को उलटने से जल्द न गिरता है वही दशा वीर्य का है । वीर्य पतला होने पर शीध्र निकलता परंतु गाढ़ा वीर्य जल्द नही निकलता । शीध्रपतन के रोगीसंभोग मेँ सदा असफल रहता है । नोट : इस रोग मेँ अफीम , नशीली दवाये या पदार्थ सेवन से बचना चाहिए । इस रोग का व्यक्ति संभोग करने की इच्छा होती है पर लिँग मेँ भी उत्तेजना आती है परंतु अकारण वीर्यपात हो जाता है । शीध्रपतन रोग पुरुष को शर्मिँदाकरने वाला रोग है । स्त्री के ह्रदय से नफरत उत्पन्न कर देने वाली बिमारी से छुटकारा न मिलने पर पुरुष सदा स्त्री के नजर मेँ गिर जाता है । स्त्री अपने ह्रदय ठंडा करने के लिए रिस्तेदारोँ , पड़ोँसियोँआदि से कामेच्छ पूरी करने के लिए संभोग करवाती है । जिसका परिणाम धन , धर्म , इज्जतसभी नष्ट होता है । रोगी शर्म के मारे मौत को अधिक पसंद करने लगता हे ऐसी किसी भी तरह की परेशानी से घबरायें नहीं बल्कि संयम रखें ओर सही ईलाज करायें 
नुस्खा - आकरकहा,जावितरी, सिंड तीनों 1,1 तोला जायफल खाने वाला २० ग्राम 5 देशी अन्डे उबाल के उनकी जरदी निकाल लें ओर ये सब दवाई कूट कर छानकर यानी चूरन बनाकर जरदी में मिलालो ओर चने के बराबर की गोलियां बनालें ओर एक गोली शाम को सोते समय आधा कि० दूध के साथ 7 दिन तक खाओ बहुत ताकतवर नुस्खा हे 
आप हमसे भी इस बारे में निशुल्क परामर्श ले सकते हें ओर अपना ईलाज भी करा सकते हें
बाक़र बिजनोरी धामपुर  बिजनौर यू०पी०
09917813838
09927147103

लिंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का ईलाज

लिंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का ईलाज
1- कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण में से एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम दूध के साथ लेने से लिंग का ढीलापन, शीघ्रपतन और वीर्य की कमी होना जैसे रोग जल्दी दूर हो जाते हैं।
2- आकरकहा,जावितरी, सिंड तीनों 1,1 तोला जायफल खाने वाला २० ग्राम 5 देशी अन्डे उबाल के उनकी जरदी निकाल लें ओर ये सब दवाई कूट कर छानकर यानी चूरन बनाकर जरदी में मिलालो ओर चने के बराबर की गोलियां बनालें ओर एक गोली शाम को सोते समय आधा कि० दूध के साथ 7 दिन तक खाओ बहुत ताकतवर नुस्खा हे दुवा में याद रखना
बकर हुसैन अन्सारी बिजनोरी- मोहतमिम ( मदरसा फातिमा ज़ाहरा धामपुर बिजनौर यूपी )

रविवार, 7 फ़रवरी 2016

कुत्ते के नये-पुराने काटे हुवे का सफ़ल ईलाज गारन्टी के साथ

हमारे यहाँ कुत्ता बन्दर साँप बिल्ली सियार घोड़ा लोमड़ी ऊँट नेवला लंगूर गीदड़ डिंगारे छिपकली ऊदबिलाउ मेंढक गिलहरी चूहा भेड़िया रीछ बिच्छू बाज़ गिद्ध चील उल्लू आदि के इंसानों व पालतू जानवरों के नये-पुराने काटे हुवे का ईलाज निःशुल्क होता है कोई पैसा या कोई फ़ीस नहीँ ली जाती है ये हमारी एकदम फ़्री सेवा है मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाई जाती है अगर शरीर में ज़हर होता हे तो थाली कमर पे चुम्बक की तरह चिपक जाती हे और तब तक नही हटती जब तक शरीर से सारा ज़हर न चूस ले थाली से सारा ज़हर एक बार में ही निकल जाता है ओर मरीज़ पूरी तरह से बिल्कुल ठीक हो जाता है ! ये 100 % प्रतिशत गारन्टी का पेटेन्ट ईलाज है। दुबारा आने की ज़रूरत नहीं पड़ती!
मगर थाली लगवाने के लिये आपको हमारे पास आना पड़ेगा अगर नहीं आ सकते तो घबराने की कोई बात नहीं आप हमसे थाली पढ़वाकर किसी भी देश, या राज्य में डाक दुवारा या कोरियर से भी मंगवा सकते हें आपको केवल थाली व कोरियर आदि का ही ख़र्चा देना पड़ेगा और कोई पैसा नहीँ देना होगा थाली आपको पढ़कर भेज दी जायेगी उसे आप ख़ुद अपनी नंगी कमर पर लगा सकते हें। थाली किसी भी समय दिन या रात को लगा सकते हें। कोई बन्धन नहीँ है।
थाली लगाने का तरीक़ा ये हे पहले आप अपनी कमर को नंगा करलें फिर किसी कुर्सी, मेज़ या चारपाई पर अपने दोनों पैर लटकाकर बैठ जायें और फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और थोड़ा नीचे झुक जायें अब कमर पे सबसे ऊपर की तरफ़ थाली को बिस्मिल्लाह पढ़कर लगाएं और 5 मिनट तक पकड़े रहें ताकी उसे अर्थ मिल जाये और वो गिर न पाये अब थाली को छोड़ दें और देखें की थाली कमर पर चिपकी है या नहीँ अगर हाँ तो धीरे-धीरे कमर को हल्का सा सीधा करें बिलकुल सीधा न हों वर्ना थाली नीचे गिर जायेगी अब आराम से बैठे रहें और जब तक थाली लगे लगायें ज़्यादा हिले-जुले नहीँ थाली गिर ने पर फिर इसी प्रकार से दुबारा लगायें बार-बार गिरने पर ना लगायें क्योंकि अब थाली नहीँ लगेगी आपका ज़हर ख़त्म हो गया है। इसीलिए थाली बार-बार गिर रही है ज़हर ख़त्म होने की यही पहचान है।
हमारी थाली शरीर में ज़हर के कम वे ज़्यादा होने के हिसाब से ही कमर पर चिपकती है आपके शरीर में ज़हर की जितनी अधिक मात्रा होगी ये उतना ही देर तक कमर पे चिपकी रहेगी इसकी कोई लिमिट नहीँ 10 मिन्ट से लेकर 10 घण्टा भी लग सकती है। ज़हर नहीँ होगा तो थाली आपकी कमर पे नहीँ लगेगी
कुत्ता बन्दर बिल्ली आदि के काटने पर कभी भी नज़र अंदाज़ ना करें और न ही लापरवाही बरतें फ़ौरन उसका ईलाज कराएं या हमसे संम्पर्क करें वर्ना रेबीज़ होने पर जान भी जा सकती है। हमारी सेवा 24 घन्टे है !
याद रहे हमारे यहाँ केवल काशी की थाली ही पढ़कर लगाई जाती हे कोई दवा या झाड़-फूंक नहीँ की जाती है!
रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना चिड़चिड़ापन आदि!
नोट- मरीज़ को हड़क यानी (रेबीज़ होने) से पहले-पहले ही हम ईलाज करते हें बाद में कोई ईलाज नहीं करते!
हमारा पता है-
बाक़र हुसैन अन्सारी ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर जिला बिजनोर यूपी 246761
कॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है।
+919917813838 +919927147103 

रविवार, 10 जनवरी 2016

केवल कुत्ते के काटने से ही रैबीज. नहीं हौता

आमतौर पर मरीज़ एवं परिजन केवल कुत्ते के काटने के बाद ही रेबीज़ के टीके लगवाते हैं, जबकि रेबीज़का प्राणघातक वायरस चूहे से लेकर हाथी तक हर स्तनपायी जानवर के काटने पर फैल सकता है।
कौन-कौन से प्राणी :मनुष्य समेत सभी स्तनपायी जानवरों के शरीर में रेबीज़ का वायरस प्रवेश कर बीमारी पैदा कर सकता है।
ज्यादातर कुत्तों में :रेबीज़ के मरीज़ों में से 75 प्रतिशत को यह बीमारी कुत्तों के काटने से होती है। इसका कारणभारत एवं एशियाई देशों में इनका अनियंत्रित रूप से बढ़ना है। सड़क पर पलने वाले आवारा कुत्तों के शरीर में वायरस के प्रवेश करने के बाद इनकी लार में भी आ जाता है। ऐसा कुत्ते द्वारा किसी को काटे जाने पर वह व्यक्ति संक्रमण से ग्रसित हो जाता है।
किसके काटने से होता रेबीज़ : देश में रेबीज़ कुत्ते के अलावा बंदर, बिल्ली, सूअर, सियार एवं भेड़िए के काटने के बाद देखा गयाहै। सामान्यतः हर जंगली जानवर के काटने के बाद व्यक्ति को रेबीज़ ग्रसित ही माना जाता है। उसे रेबीज़ के खिलाफ अनिवार्य रूप से टीका लगाना चाहिए।संक्रमित जानवर द्वारा काटने के बाद : मनुष्य के शरीर में प्रवेश करने के बाद काफी लंबे समय तक यह वायरस गुप्तावस्था में रहता है। यह समय ४ दिन से लेकर कभी-कभी १०-१२ वर्ष तक का हो सकता है। इसी कारण कई बार मरीज़ जानवर से काटेजाने की बात भूल ही जाते हैं।
रेबीज़ ग्रसित जानवर के लक्षण : रेबीज़ ग्रसित प्राणी अनायास ही उत्तेजित होकर ज़रा-सी बात में ही काटने एवं भागने लगता है। बिना किसी उत्प्रेरणा के दूर से आकर के बुरी तरह भटक जाता है, बुरी तरह काटता है, लार बहाता हुआ यहाँ से वहाँ भटकता है। संक्रमित जानवर कई लोगों को काटता है एवं कुछ ही समय में उसकी मृत्यु हो जाती है।
इंसानों में लक्षण : लक्षण लगभग जानवरों की तरह ही होते हैं। यह वायरल बुखार की तरह ही होते हैं। दो-तीन दिन के बुखार के बाद सिरदर्द एवं शरीर दर्द के बाद गले में खराश हो जाती है। फिर पानी पीने में दिक्कत आने लगती है और पानी पीने से डर लगने लगता है। ऐसी स्थिति में आने तक व्यक्ति वायरस से पूरी तरह ग्रसित हो चुका होता है। इसी के साथ उसे पानी का डर यानी "हायड्रोफोबिया" भी हो जाता है, जिसके कारण मरीज़ को पानी देखने पर ही डर लगने लगता है। १५ प्रतिशत को वायरल बुखार होने के बाद लकवा हो सकता है। मरीज़ पर कोई भी दवा असर नहीं करती और उसकी मृत्यु हो जाती है।बचाव :एक बार होने के बाद १०० प्रतिशत मृत्यु का कारण बनने वाली इस बीमारी को फैलने से पूरी तरह रोका जा सकता है। घाव की सही देखभाल अत्यंत आवश्यक है। सबसे पहले घाव को अच्छी तरह धोएँ, फिर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर टीके लगवाएँ।
टीके दो प्रकार के होते हैं : सर्वप्रथम वायरस को घाव की जगह ही निष्क्रिय करने के लिए सीरम लगवाना चाहिए, जो कि घाव को तुरंत नष्ट करता है। साथ ही पाँच इंजेक्शन का टीके का कोर्स शुरू करना चाहिए, ताकि शरीर में वायरस के फैलने को पूरी तरह से रोका जा सके
या फिर हमसे मिलें हमारे यहां
पागल व साधारण कुत्ता बन्दर साँप बिल्ली सियार घोड़ा लोमड़ी ऊँट नेवला लंगूर गीदड़ डिंगारे छिपकली ऊदबिलाउ मेंढक गिलहरी चूहा भेड़िया रीछ बिच्छू बाज़ गिद्ध चील उल्लू आदि के इंसानों व पालतू जानवरों के नये-पुराने काटे हुवे का ईलाज निःशुल्क होता है कोई पैसा या कोई फ़ीस नहीँ ली जाती है ये हमारी एकदम फ़्री सेवा है मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाई जाती है अगर शरीर में ज़हर होता हे तो थाली कमर पे चुम्बक की तरह चिपक जाती हे और तब तक नही हटती जब तक शरीर से सारा ज़हर न चूस ले थाली से सारा ज़हर एक बार में ही निकल जाता है ओर मरीज़ पूरी तरह से बिल्कुल ठीक हो जाता है ! ये 100 % प्रतिशत गारन्टी का पेटेन्ट ईलाज है। दुबारा आने की ज़रूरत नहीं पड़ती!
मगर थाली लगवाने के लिये आपको हमारे पास आना पड़ेगा अगर नहीं आ सकते तो घबराने की कोई बात नहीं आप हमसे थाली पढ़वाकर किसी भी देश, या राज्य में डाक दुवारा या कोरियर से भी मंगवा सकते हें आपको केवल थाली व कोरियर आदि का ही ख़र्चा देना पड़ेगा और कोई पैसा नहीँ देना होगा थाली आपको पढ़कर भेज दी जायेगी उसे आप ख़ुद अपनी नंगी कमर पर लगा सकते हें। थाली किसी भी समय दिन या रात को लगा सकते हें। कोई बन्धन नहीँ है।
थाली लगाने का तरीक़ा ये हे पहले आप अपनी कमर को नंगा करलें फिर किसी कुर्सी, मेज़ या चारपाई पर अपने दोनों पैर लटकाकर बैठ जायें और फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और थोड़ा नीचे झुक जायें अब कमर पे सबसे ऊपर की तरफ़ थाली को बिस्मिल्लाह पढ़कर लगाएं और 5 मिनट तक पकड़े रहें ताकी उसे अर्थ मिल जाये और वो गिर न पाये अब थाली को छोड़ दें और देखें की थाली कमर पर चिपकी है या नहीँ अगर हाँ तो धीरे-धीरे कमर को हल्का सा सीधा करें बिलकुल सीधा न हों वर्ना थाली नीचे गिर जायेगी अब आराम से बैठे रहें और जब तक थाली लगे लगायें ज़्यादा हिले-जुले नहीँ थाली गिर ने पर फिर इसी प्रकार से दुबारा लगायें बार-बार गिरने पर ना लगायें क्योंकि अब थाली नहीँ लगेगी आपका ज़हर ख़त्म हो गया है। इसीलिए थाली बार-बार गिर रही है ज़हर ख़त्म होने की यही पहचान है।
हमारी थाली शरीर में ज़हर के कम वे ज़्यादा होने के हिसाब से ही कमर पर चिपकती है आपके शरीर में ज़हर की जितनी अधिक मात्रा होगी ये उतना ही देर तक कमर पे चिपकी रहेगी इसकी कोई लिमिट नहीँ 10 मिन्ट से लेकर 10 घण्टा भी लग सकती है। ज़हर नहीँ होगा तो थाली आपकी कमर पे नहीँ लगेगी
कुत्ता बन्दर बिल्ली आदि के काटने पर कभी भी नज़र अंदाज़ ना करें और न ही लापरवाही बरतें फ़ौरन उसका ईलाज कराएं या हमसे संम्पर्क करें वर्ना रेबीज़ होने पर जान भी जा सकती है। हमारी सेवा 24 घन्टे है !
याद रहे हमारे यहाँ केवल काशी की थाली ही पढ़कर लगाई जाती हे कोई दवा या झाड़-फूंक नहीँ की जाती है!
रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना चिड़चिड़ापन आदि!
नोट- मरीज़ को हड़क यानी (रेबीज़ होने) से पहले-पहले ही हम ईलाज करते हें बाद में कोई ईलाज नहीं करते!
हमारा पता है-
बाक़र हुसैन अन्सारी ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर जिला बिजनोर यूपी 246761
कॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है।
+919917813838 +919927147103