कुत्ता बन्दर साँप बिल्ली लोमड़ी सियार घोड़ा लोमड़ी ऊँट नेवला लंगूर गीदड़ डिंगारे छिपकली ऊदबिलाउ मेंढक गिलहरी चूहा भेड़िया रीछ बिच्छू बाज़ गिद्ध चील उल्लू आदि के इंसानों व पालतू जानवरों के नये-पुराने काटे हुवे का ईलाज निःशुल्क होता है कोई पैसा या कोई फ़ीस नहीँ ली जाती है ये हमारी एकदम फ़्री सेवा है मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पढ़कर लगाई जाती है अगर शरीर में ज़हर होता हे तो थाली कमर पे चुम्बक की तरह चिपक जाती हे और तब तक नही हटती जब तक शरीर से सारा ज़हर न चूस ले थाली से सारा ज़हर एक बार में ही निकल जाता है ओर मरीज़ पूरी तरह से बिल्कुल ठीक हो जाता है ! ये 100 % प्रतिशत गारन्टी का पेटेन्ट ईलाज है। दुबारा आने की ज़रूरत नहीं पड़ती मगर थाली लगवाने के लिये आपको हमारे पास आना पड़ेगा अगर नहीं आ सकते तो घबराने की कोई बात नहीं आप हमसे थाली पढ़वाकर किसी भी देश, या राज्य में डाक दुवारा या कोरियर से भी मंगवा सकते हें आपको केवल थाली व कोरियर आदि का ही ख़र्चा देना पड़ेगा और कोई पैसा नहीँ देना होगा थाली आपको पढ़कर भेज दी जायेगी उसे आप ख़ुद अपनी नंगी कमर पर लगा सकते हें। थाली किसी भी समय दिन या रात को लगा सकते हें। कोई बन्धन नहीँ है।
थाली लगाने का तरीक़ा ये हे पहले आप अपनी कमर को नंगा करलें फिर किसी कुर्सी, मेज़ या चारपाई पर अपने दोनों पैर लटकाकर बैठ जायें और फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और थोड़ा नीचे झुक जायें अब कमर पे सबसे ऊपर की तरफ़ थाली को बिस्मिल्लाह पढ़कर लगाएं और 5 मिनट तक पकड़े रहें ताकी उसे अर्थ मिल जाये और वो गिर न पाये अब थाली को छोड़ दें और देखें की थाली कमर पर चिपकी है या नहीँ अगर हाँ तो धीरे-धीरे कमर को हल्का सा सीधा करें बिलकुल सीधा न हों वर्ना थाली नीचे गिर जायेगी अब आराम से बैठे रहें और जब तक थाली लगे लगायें ज़्यादा हिले-जुले नहीँ थाली गिर ने पर फिर इसी प्रकार से दुबारा लगायें बार-बार गिरने पर ना लगायें क्योंकि अब थाली नहीँ लगेगी आपका ज़हर ख़त्म हो गया है। इसीलिए थाली बार-बार गिर रही है। ज़हर ख़त्म होने की यही पहचान है।
हमारी थाली शरीर में ज़हर के कम वे ज़्यादा होने के हिसाब से ही कमर पर चिपकती है आपके शरीर में ज़हर की जितनी अधिक मात्रा होगी ये उतना ही देर तक कमर पे चिपकी रहेगी इसकी कोई लिमिट नहीँ 10 मिन्ट से लेकर 10 घण्टा या ऐक दिन भी लग सकती है। ज़हर नहीँ होगा तो थाली आपकी कमर पे नहीँ लगेगी फ़ौरन नीचे गिर जायेगी।
कुत्ता बन्दर बिल्ली आदि के काटने पर कभी भी नज़र अंदाज़ ना करें और न ही लापरवाही बरतें फ़ौरन उसका ईलाज कराएं या हमसे संम्पर्क करें वर्ना रेबीज़ होने पर जान भी जा सकती है। हम आपकी सेवा के लिए 24 घन्टे तैयार हें
याद रहे हमारे यहाँ केवल काशी की थाली ही पढ़कर लगाई जाती हे कोई दवा या झाड़-फूंक नहीँ की जाती है
रेबीज़ होने के कुछ ये लक्छण हैं जैसे---तेज़ बुखार, तेज़ सर दर्द, गले में ख़राश, पानी न पीना, सुस्त रहना, चीख़ना-चिल्लाना, इधर-उधर भागना, काटने को दौड़ना, बहकी-बहकी बातें करना आदि!
नोट- मरीज़ को हड़क यानी (रेबीज़ होने) से पहले-पहले ही हम ईलाज करते हें बाद में कोई ईलाज नहीं करते हें।
हमारा पता है-
बाक़र हुसैन अन्सारी ग्राम- बग़दाद अन्सार पोस्ट हबीब वाला तहसील धामपुर जिला बिजनोर यूपी 246761
कॉन्टेक्ट तथा व्हाट्सअप नम्बर ये है।
+919917813838
+919927147103
पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व् पुराने से पुराने काटे हुवे का गारन्टी के साथ पेटेन्ट फ्री इलाज करते हैं धामपुर ज़िला बिजनोर के रहने वाले बाक़र हुसैन अन्सारी इलाज के बाद किसी भी इंजेक्शन या दवाई की कोई आवश्यकता नहीं 09917813838 09927147103
पागल कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, गीदड़, लँगूर, साँप, बिच्छु, आदि सभी तरह के ज़हरीले जानवरों के नए व
बुधवार, 21 अक्टूबर 2015
कुत्ता, बन्दर, गीदड़, सांप बिल्ली बिच्छु छिपकली, मधुमख्खी, नेवला आदि जैसे ज़हरीले जानवरों के काटने का एकदम मुफ़्त में ईलाज किया जाता है। चाहे ये ज़हरीले जानवर किसी इन्सान या किसी पालतू जानवर जैसे- बकरी, घोड़ा, भैंस, गाये, आदि के ही कियों ने काटे हम लोग मरीज़ की कमर पर काशी की थाली पर क़ुरान की कुछ आयत पढ़कर लगाते हें। अगर ज़ेहर होता हे तो थाली चुम्बक की तरह मरीज़ की कमर पर चिपक जाती है और तब तक नहीँ हटती जब तक मरीज़ के जिस्म से सारा ज़हर ना चूस ले। ना किसी इंजेक्सन् की ज़रूरत ना किसी दवाई की और न ही किसी चीरे की। ये हमारा गारन्टी का 100% पेटेन्ट ईलाज है। मरीज़ को किसी तरह की कोई परेशानी नहीँ होती और मरीज़ आसानी से एक बार में पूरी तरह जाता है से ठीक हो। दोबारा आने की ज़रूरत नहीँ होती। हाँ अगर किसी पालतू जानवर के काटले तो उसे हमारे पास नहीँ लाएं बल्कि ख़ुद ही थाली पढ़वाकर ले जाएं और घर जाकर उस जानवर का कान, टांग, पूँछ पकड़ लें या फिर उसकी कमर पर हाथ रख लें। थाली इंसान की कमर पर ही लगेगी। अगर आपको या आपके किसी पालतू जानवर को इनमें से कोई भी ज़हरीली चीज़ काट ले तो आप बिना झिझक और बिना डरे हमारे पास चले आयें। किसी बाबा या झाड़-फूँकवाले के चक्कर में आकर अपना वक़्त और पैसा बर्बाद ना करें। हमसे आकर मिलें या हमें फोन पर बतायें इंशाल्लाह आपकी इस तरह की परेशानी का एकदमहल और फ्री ईलाज किया जायेगा। हमारा व्हाट्सअप और कॉन्टेक्ट नंबर ये है।+919917813838
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